सुप्रीम कोर्ट का फैसलाः 8 साल से लड़ रहे थे कानूनी लड़ाई, रेलवे में 180 को मिलेगी नौकरी

0 जस्टिस कुरियन व जस्टिस दीपक गुप्ता का याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला

बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एसईसीआर (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) में 180 अभ्यर्थियों को 8 साल बाद नौकरी मिल सकेगी। पूर्व में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी याचिकाकर्ताओं की याचिकाएं खारिज कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला हुआ।

0 एसईसीआर के अंतर्गत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर डिवीजन वर्कशॉप में ग्रुप डी के 5798 पदों के लिए 15 दिसंबर 2010 को विज्ञापन जारी किया गया था।

0 एसईसीआर द्वारा 2 जुलाई 2008 को जारी पॉलिसी के तहत 20 30 जी अतिरिक्त अभ्यर्थियों के नाम शामिल करते हुए 69 95 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई।

0 एसईसीआर ने 20 फ़ीसदी अतिरिक्त अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट मेडिकल टेस्ट लेने के साथ ही दस्तावेजों की जांच की, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद नौकरी नहीं दी गई।

0 इसे लेकर 180 से अधिक अभ्यर्थियों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में मामला प्रस्तुत किया था।

0 याचिका में यह बताया गया 624 पद रिक्त है , इसके बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने खाली पड़े पदों को 20 फीसदी अतिरिक्त अभ्यर्थियों से भरने के निर्देश देने की मांग की थी।

0 अधिकरण के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी इन याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

0 इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका प्रस्तुत की गई थी। जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच में मामले की सुनवाई हुई।

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