ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का बड़ा बयान

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से कई जगहों पर वोटिंग मशीन में खराबी की खबर सामने आई थी, उस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने सफाई दी है। ओपी रावत ने कहा कि अधिकतर जगहों पर जहां वोटिंग मशीन में खराबी की शिकायत आई थी वह वीवीपैट मशीन में थी ना कि ईवीएम मशीन में। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रिंटर्स में तकनीकी खराबी आने की वजह से वोटिंग में देरी हुई थी, लेकिन इससे चुनाव के नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

ईवीएम में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं :

रिटायरमेंट के एक दिन पहले ओपी रावत ने कहा कि ईवीएम मशीन का कई बार परीक्षण किया जा चुका है, जिसमे गड़बड़ी की बहुत ही कम गुंजाइश है। वहीं मध्य प्रदेश में चुनाव के दौरान जिन वीवीपैट मशीनों में खराबी सामने आई थी, उन्हें वापस भेजा जाएगा, जिससे कि इसकी डिजाइन में जो भी गड़बड़ी है उसे सही किया जा सके। इससे पहले मई माह में जब कैराना, भंडारा-गोंडिया में लोकसभा उपचुनाव कराया गया था तो उस वक्त भी यही शिकायत सामने आई थी।

बहुत कम मशीनों में गड़बड़ी :

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में 3.5 फीसदी वीवीपैट मशीनों को बदला गया था, जिसमे से आधी मशीनों को मॉक टेस्ट के दौरान गड़बड़ी की वजह से बदल दिया गया था। वहीं ईवीएम में गड़बड़ी की बात करें तो इसमे महज 0.5 फीसदी ही गड़बड़ी पाई कई। जबकि मॉक टेस्ट के दौरान इसमे गड़बड़ी का औसत एक फीसदी से भी कम था। रावत ने कहा कि कोई भी गड़बड़ वीवीपैट या ईवीएम मशीन चुनाव के नतीजों को बदल नहीं सकती है। इससे वोटिंग में कुछ देर की देरी हो सकती है जब मतदाता लाइन में लगे हो, लेकिन इसस नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

केजरीवाल ने लगाया था आरोप:

गौर करने वाली बात है कि जब आप के 20 विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ओपी रावत पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। जिस पर ओपी रावत ने कहा कि कोई भी पार्टी किसी भी एजेंसी पर आरोप लगा सकती है, लेकिन जब मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति ऐसा आरोप लगाता है तो वह तकलीफदायक होता है।

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