मतगणना से पहले कांग्रेस ने अपने 229 प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया, ये है वजह…

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के भावी सदस्यों की किस्मत ईवीएम में क़ैद हो गयी है. अब सभी को 11 दिसंबर का इंतज़ार है। उस दिन ईवीएम को 3 लेयर सुरक्षा से निकालकर वोट गिने जाएंगे। ऐसे में मतगणना में किसी भी तरीके की गड़बड़ी ना हो, इसके लिए कांग्रेस ने विशेष प्लान बना लिया है। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने 6 दिसंबर को भोपाल में बैठक बुलाई है, जिसमें प्रत्याशियों को मतगणना में गड़बड़ी रोकने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में खड़े हुए अपने सभी 229 प्रत्याशियों को बुलाया है। कांग्रेस के इस ट्रेनिंग कैंप में प्रत्याशियों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि कैसे उन्हें मतगणना के दिन सुरक्षा और सावधानी बरतनी है। कैसे गड़बड़ियों को पहचानना और रोकना है। मतगणना से 5 दिन पहले 6 दिसंबर को ट्रेनिंग होगी।

भोपाल में पुरानी जेल को स्ट्रांग रूम बनाया गया है। यहां कुछ देर के लिए सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। इससे नाराज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया था। कार्यकर्ताओ का आरोप है जान बूझकर ईवीएम में गड़बड़ी करने के लिए सीसीटीवी बंद किए गए।

पार्टी का कहना है खुद चुनाव आयोग अगर किसी तरह की गलती स्वीकार कर रहा है तो क्या कांग्रेस सोती रहेगी। कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का कहना है अगर किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो कांग्रेस पार्टी उसपर ध्यान केंद्रित कराना चाहती है। इसमें बीजेपी को क्या परेशानी है। कांग्रेस का आरोप है कि राजस्थान चुनाव पर मध्य प्रदेश का असर नहीं पड़े, इसलिए बीजेपी दुष्प्रचार कर रही है।

कांग्रेस के हंगामे के बाद कलेक्टर कलेक्टर सुदाम खाड़े फौरन पुरानी जेल के स्ट्रांग रूम पहुंचे, मौके का मुआयना किया और फिर बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण एलईडी स्क्रीन बंद हो गई थी। उन्होंने कहा स्ट्रांग रूम में सुरक्षा चाक चौबंद थी। उन्होंने कहा, पॉलिटिकल ऑब्ज़र्वर को अंदर के लिए भी पास जारी किए जाएंगे।

कांग्रेस के हंगामे पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है। उसका कहना है कांग्रेस का ये शगल रहा है कि वो ईवीएम और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ी करती रही है। कांग्रेस समझ रही है कि वो चुनाव हारने वाली है, इसलिए इस तरह से अनर्गल प्रलाप कर रही है।

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