बड़ी खबर: चुनावी वायदे के मुताबिक किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू, विभाग ने सहकारी बैंकों से किसानों के कर्जमाफी के आंकड़े मंगाए

रायपुर, 12 दिसंबर 2018. छत्तीसगढ़ में सरकार बदलते ही सुस्त विभाग और उसके अधिकारी अचानक सक्रिय हो गए हैं। उनके कामकाज का तरीका बदलता नज़र आ रहा है। विभाग ने सरकार गठन से पहले ही कांग्रेस के चुनावी वायदे, किसानों की कर्ज माफी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहकारी बैंकों से किसानों की कर्ज माफी के आंकड़े मंगाए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा काफी मजबूती से उठाया था। ये वायदा किया गया था कि सरकार बनने के 10 दिन के भीतर ही किसानों की कर्ज माफी कर दी जाएगी। अभी सरकार का गठन तो नहीं हुआ है, लेकिन ब्यूरोक्रेसी ने अभी से ही कर्जमाफी को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सहकारिता विभाग ने सभी सहकारी बैंकों के अलावे संस्थागत वित्त, इंद्रावती भवन के संचालक, राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के संयोजकों को पत्र जारी कर कर्ज को लेकर रिकार्ड मांगे हैं। माना जा रहा है कि किसानों पर करीब 5000 करोड़ रुपए कर्ज है, जिसे कांग्रेस सरकार माफ करेगी।

सहकारिता विभाग के उप सचिव पीएस सर्पराज के आदेश से जारी हुए पत्र में कहा गया है कि

“भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की गई है। इस पर अमल हेतु किसानों की ऋण माफी योजना तैयार किया जाना है।

अत: आपसे अनुरोध है कि आप के अधीन कार्यरत बैंकों द्वारा किसानों को वितरित कृषि ऋण अवशेष की जानकारी 30 नवंबर 2018 की स्थिति पर लौटती डाक से उपलब्ध कराने का कष्ट करें”

मालूम हो कि चुनाव जीतने के बाद भी कांग्रेस ने अपनी प्राथमिकता में कर्जमाफी को सबसे आगे रखा है। लिहाजा विभागों को सरकार की मंशा का एहसास है। इसलिए पहल शुरू कर दी गई है।

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