जनता के खून-पसीने की कमाई से पूर्व सीएम की छवि निखारने वाली 21 निजी कंपनियां जाँच के दायरे में आईं

रायपुर। जनसंपर्क विभाग और संवाद में पब्लिक रिलेशन की आड़ लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के चेहरे को चमकाने के खेल में लगी 21 निजी कंपनियों के खिलाफ जांच बैठ गई है। इसके अलावा जनता के खून-पसीने की कमाई को लुटने में लगे कतिपय सलाहकार अफसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद जिन कंपनियों को जांच के दायरे में रखा गया है, उनमें मुंबई की बैटर कम्युनिकेशन, एड फैक्टर, टच वुड, 77 इंटरटेनमेंट, एक्सेस माई इंडिया, दिल्ली की वीडियो वॉल, करात इंटरटेनमेंट, ग्रीन कम्युनिकेशन, सिल्वर टच, यूएनडीपी, गुजरात की वॉर रुम, मूविंग फिक्सल, रायपुर की ब्रांड वन, व्यापक इंटरप्राइजेस, क्यूबस मीडिया लिमिटेड, आईबीसी 24, कंसोल इंडिया, भिलाई की कंपनी क्राफ्ट, आसरा, कैकटस शामिल है। इसके अलावा आलोक नाम के एक प्रोफेसर ने भी संवाद में अपनी दुकान खोल रखी थी।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अफसर की पत्नी की जितनी सक्रियता मुख्यमंत्री निवास में बनी हुई थीं उससे कहीं ज्यादा वह संवाद में सक्रिय थीं। अफसर की पत्नी यही से पूर्व मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के गरीब बच्चों की तस्वीरों को फेसबुक, वाट्सअप में शेयर करती थी और लिखती थीं।

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