18 लाख मोबाइल नंबरों की जांच से आरोपियों तक पहुँची पुलिस, एटीएम कार्ड क्लोनिंग के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले अन्तराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दयालबंद व तितली चौक के बूथ पर उपकरण लगाकर कर रहे थे क्लोनिंग, फ्रॉड से बचना है तो जरूर पढ़ें ये खबर

0 मास्टर माइण्ड सहित 5 लोग गिरफ्तार
0 प्रमुख मास्टर माइण्ड की तलाश जारी
0 छत्तीसगढ सहित देश के कई प्रदेशों में दिया घटना को अंजाम
0 20 नग मोबाइल फोन, 12 ए.टी.एम. कार्ड, एक मारूति वेगन आर, कई बैंको के पास बुक, स्वीमर डिवाइस, एटीएम कार्ड रीडर, पिन होल कैमरा और सीसीटीवी रिकार्डर, 30,000 रुपए नकदी बरामद
0 देश का तीसरा बड़ा स्कीनिंग गैंग

खबरची, बिलासपुर। एटीएम क्लोनिंग के जरिए रुपए आहरण कर बैंक ग्राहकों को वित्तीय नुकसान पहुंचाने वाले अन्तराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से 20 नग मोबाइल फोन, 12 ए.टी.एम. कार्ड, एक मारूति वेगन आर, कई बैंको के पास बुक, स्वीमर डिवाइस, एटीएम कार्ड रीडर, पिन होल कैमरा और सीसीटीवी रिकार्डर, 30,000 रुपए नकदी बरामद किया गया है। तोरवा एवं कोतवाली थाना क्षेत्र के 3 मामले खुलने की संभावना है।

ये आरोपी पकड़े गए :

1. श्रीमंत दास उर्फ बाबू पिता दधिवमन दास उम्र 38 साल निवासी सरबहाल थाना जिला झारसुगुड़ा उड़ीसा।

2. खिरोद पटेल उर्फ पिंकू पिता बिरंजी पटेल उम्र 35 साल निवासी टनमुरा जिला संबलपुर उड़ीसा।

3. घनश्याम कर्मी पिता वासुदेव कर्मी उम्र 39 साल निवासी पिपल मुबरा जिला बढ़गढ़ उड़ीसा।

4. सुजीत खड़ीया पिता श्रीवत्स खड़ीया उम्र 31 साल निवासी बंकटाल संबलपुर उड़ीसा।

5. धरणीसेन पिता इन्द्रसेन कंवर उम्र 34 साल निवासी कुल्टा सुन्दरगढ़ उड़ीसा।

शहर में हुई इन घटनाओं में संलिप्त हैं आरोपी :

केस 1 –

20 दिसंबर 2018 को तोरवा थाना क्षेत्र लालखदान के दयाराम पिता जागेशवर माकड़े ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके खाते से ए.टी.एम. कार्ड के माध्यम से अनाधिकृत रूप से 57,000 रुपए निकल गए। जबकि एटीएम कार्ड उसके पास था। इस पर पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था।

केस 2-

थाना कोतवाली टिकरापारा निवासी श्रीमति संतोषी पति मुकेश घोरे ने 20.12.2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके ए.टी.एम. कार्ड से 19.12.2018 को तीन किस्तों में कुल 25,000 रुपए की अवैध निकासी की गई है, जब कि एटीएम कार्ड उसके पास था। इस पर थाना कोतवाली में धारा 420 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस अफसरों ने दिखाई गंभीरता :

जिले के बैंक ग्राहकों के साथ हो रही इस प्रकार की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक प्रदीप गुप्ता एवं वरिष्ठ पुलिस अघीक्षक आरिफ एच.शेख व अति. पुलिस अधीक्षक बिलासपुर शहर विजय अग्रवाल (भापुसे) एवं पुलिस उप अघीक्षक पी.सी. राय के नेतृत्व में सायबर सेल को 12 सदस्यों की टीम बनाकर घटना की जांच व आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई।

ऐसे हुई जांच :

घटना के पूर्व पीड़ितों द्वारा रकम आहरित करने वाले ए.टी.एम. बुथों की पहचान की गई। पता चला कि दयालबंद के प्रयाग डेंटल कालेज के पास के एसबीआई के ए.टी.एम. से एवं बंधवा तालाब हेमूनगर से 5 दिसम्बर से 7 दिसम्बर 2018 के मध्य रकम आहरित किए गये थे। सायबर सेल बिलासपुर एवं सहयोगी टीम द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में उक्त ए.टी.एम. बुथों पर लगे इन साइट एवं आउट साइट सीसीटीवी कैमरे के फुटेज 5 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक के तत्काल प्रभाव से निकलवाकर उनका लगातार अध्ययन किया गया।

ये पता चला :

सीसीटीवी फुटेज के गहन अनुसंधान से यह तथ्य सामने आया कि 6.12.2018 को प्रात: जो व्यक्ति पीले रंग की गोल गले वाली टी—शर्ट में अपने एक अन्य साथी के साथ ए.टी.एम. पर कुछ उपकरण की पैड के उपर एवं ए.टी.एम. इनसट करने वाली जगह पर दयालबंद स्थित प्रयाग डेंटल कालेज के पास लगा रहा है। उसी शाम को 4 बजे के आसपास वह उसे निकालकर ले गया। वही व्यक्ति दूसरे दिन 7.12.2018 को प्रात: 7.30 बजे के आसपास नीले रंग की गोल गले वाली टी—शर्ट में अपने एक अन्य साथी के साथ आरोपी ए.टी.एम. मशीन पर वही उपकरण लगाते हुए दिख रहा है एवं 11 से 12 बजे के बीच निकालते हुए नजर आ रहा है।

दयालबंद और तितली चौक एटीएम बूथ से हो रही थी क्लोनिंग :

ग्राहकों के ए.टी.एम. कार्ड मुख्यत: दयालबंद एवं तितली चौक के बूथ पर लगाए गए उपकरण के जरिए क्लोनिंग किए जा रहे थे। पुलिस ने सक्रियता दिखलाते हुए यहां के 200 से अधिक ग्राहकों के ए.टी.एम. कार्ड को ब्लाक करवाया, ताकि यदि क्लोन तैयार हो गया हो तो भी अवैध आहरण ना हो सके।

18 लाख मोबाइल नंबरों की जांच से आरोपियों तक पहुची पुलिस :

अगले चरण में सायबर सेल बिलासपुर द्वारा एकत्रित किय गये विभिन्न कंपनियों (एयरटेल, आईडिया, रिलायंश,जियो, बी.एस.एन.एल.) वोडाफोन तथा डोकोमो के टावर डम्प से प्राप्त लगभग 18 लाख मोबाइल नम्बरों को अनुसंधान में लिया, तब जाकर आरोपियों का सुराग मिल सका।

सरगना सिविल इंजीनियर :

अभिरक्षा में लिये गये पांचों अभियुक्तों ने बताया कि इस गैंग का मुख्य सरगना केबिन मूर्ति निवासी बसमा जिला झारसुगुड़ा का है, जिसने सिविल इंजीनियर की पढ़ाई की है। पूर्व में मुख्य सरगना श्रीमंत के साथ आधार कार्ड एवं स्मार्टकार्ड बनाने का काम करता था। जहां से शार्टकट मे अमीर बनने का सपना संजोय कर ए.टी.एम. क्लोनिंग का कार्य पिछले करीब डेढ़ वर्ष से देश के कई राज्यों में जा—जाकर कर रहे हैं। मुख्य सरगना केबिन मूर्ति की तलाश जारी है।

पकड़े गए आरोपियों की निम्न मामलों में संलिप्तता पायी गई :
1. थाना तोरवा अप.क्र.—493/18 धारा 420 भादवि।

2. थाना तोरवा अप.क्र.— 496/18 धारा 420 भादवि।

3. थाना कोतवाली अप.क्र.— 540/18 धारा 420 भादवि।

4. थाना कोतवाली अप.क्र.— 542/18 धारा 420 भादवि।

5. थाना कोतवाली अप.क्र.— 550/18 धारा 420 भादवि।

जांच में इन पुलिस कर्मियों का रहा सहयोग :

घटना की जांच में साईबर सेल बिलासपुर के उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी, सहायक उप.निरी. हेमंत आदित्य, आर. दीपक यादव, नवीन एक्का, शकुन्तला साहू सहित तत्कालिक गठित टीम के उपनिरी यू.एन. शांत साहू, र.के. प्र.आर. कमल साहू, विकाश यादव, संतोष यादव, राहुल जगत, अविनाश पाण्डेय, विरेन्द्र साहू की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस टीम को पुलिस महा. निरीक्षक प्रदीप गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अघीक्षक आरिफ एच. शेख ने पुरूस्कृत करने की घोषणा की है।

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