स्वास्थ्य विभाग: खुल रहे घोटाले, अंजाम तक नहीं पहुंच रही जांच

0 स्वास्थ्य विभाग घोटाला विभाग विगत वर्षों में बन चुका है घोटाला विभाग

बिलासपुर। जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जीवनदीप समिति के माध्यम से संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का लाभ आम जनों को नही मिल पा रहा है। लगातार कई गड़बड़ियां सामने आ रहीं, कुछ में जांच के आदेश भी हो रहे, लेकिन जांच अंजाम तक नहीं पहुंच रही।
शासन जनहित में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने हेतु प्रत्येक वर्ष 3-4 करोड़ भेजती है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक वर्ष लगभग 30 से 35 लाख उपलब्द्ध कराया जाता है, लेकिन ये राशि नियम विरुद्ध मनमर्जी से खर्च कर दी जाती है। खरीदी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रय समिति तक नहीं बनाई गई है।
वर्ष 2006से 2013 अवधि में अविभाजित जिले के 10 ब्लाकों में लगभग 17 करोड़ का घोटाला सामने आया था:
लोरमी ब्लॉक में राजस्व अधिकारी ने जांच कराई थी। जांच में 1 करोड़ 25 लाख की अवैध खरीदी पाई गई।कलेक्टर को दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु भेजा गया था, लेकिन ये मामला दब गया।
कोटा, तखतपुर, मस्तूरी, बिल्हा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में जांच आज भी लम्बित:

विगत 5 बर्ष में यात्रा देयक भत्ता की 40-45 लाख की राशि का बंदरबांट :
जिले के खण्ड चिकित्साधिकारी बिल्हा,तखतपुर,मस्तूरी, कोटा, मरवाही, पेंड्रा, गौरला द्वारा शासन द्वारा दिये गए यात्रा भत्ता बजट का खुद भी नियम विरुद्ध भुगतान लिया एवं भुगतान के लिए अपात्रों को भी भुगतान किया । संघ की शिकायत पर जिसकी जांच चल रही है ।

बिल्हा की जांच पूरी जिसमें सभी अपात्रों को भुगतान किया गया सिद्ध हो गया, जिसकी वसूली की जा रही है । बचे शेष ब्लाकों में भी यही स्थिति निर्मित होना तय है।

कार्यमुक्त चिकित्सा अधिकारी को वेतन:

2016 से कार्यमुक्त चिकित्साधिकारी से नियम विरुद्ध कार्य लेने के साथ साथ नियमविरुद्ध वेतन भुगतान भी किया जाता रहा है। संघ की शिकायत पर cmho नें 28 दिसम्बर 18 को उक्त चिकित्सक को गौरला के लिए कार्यमुक्त किया है। संघ ने उक्त चिकित्सक के कार्यकाल की जांच के साथ साथ बिना उच्च अधिकारी के आदेश के कार्य लेने एवं वेतन भुगतान की जांच की मांग की है ।

फर्जी बिल :

नोडल अधिकारी ,जिला कार्यक्रम प्रबंधक ,जिला लेखा प्रबंधक जिला कार्यालय में बैठे बैठे कर रहे कार्यक्रम संचालन कर दौरा के नाम पर निजी कम्पनी को प्रतिमाह लाखों का वाहन किराया भुगतान बिल जमा कर शासन को लगा रहे चुना। दोषियों के ऊपर cmho हैं मेहरबान ।

अटैचमेंट का खेल :

cmho, bmo नियम विरुद्ध अधिकारी कर्मचारी का संलग्नीकरण कर मनचाहे जगह पर कार्य करने का लाभ पहुंचा रहे है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed