अब शुरू होगा कचरे से खाद व आरडीएफ बनाने का काम-निगम आयुक्त

0 क्षमता के तहत कार्य करने आसपास के यूएलबी को भी किया जाएगा शामिल

खबरची, बिलासपुर। पर्यावरण संरक्षण मंडल से अनुमति मिलने के बाद अब एक दो दिनों के अंदर ही कछार स्थित प्लांट से खाद् व आरडीएफ बनाने का काम शुरू होगा। प्लांट के क्षमता अनुसार कार्य करने के लिए आसपास के यूएलबी को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उक्त बातें निगम के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय ने कही। उन्होंने कहा कि जून 2012 में नगर निगम बिलासपुर क्षेत्रांतर्गत कचरे की बढ़ती हुई मात्रा, नुक्कड़ों की संख्या, कचरा उठाने हेतु संसाधनों की कमी एवं डंपिंग स्थल की कमी को दृष्टिगत रखते हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के लिए डीपीआर विस्तृत सर्वेक्षण उपरांत तैयार किया गया। नगरीय प्रशासन विकास विभाग के उचस्तरीय टीम द्वारा नगर निगम क्षेत्र के भौतिक परीक्षण उपरांत डीपीआर में विभिन्न संशोधन के बाद पुनरीक्षित डी.पी.आर. तैयार करने के निर्देश दिए गए।

पुनः पुनरीक्षित डीपीआर तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया गया। पुनरीक्षित डीपीआर को जुलाई 2014 में शासन द्वारा अनुमोदित किया गया। डीपीआर एवं आरएफपी अनुमोदन 7 दिसंबर 2015 को शासन द्वारा प्रदान किया गया। इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2015 को इस कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गई। निविदा में प्राप्त दर के परीक्षण हेतु एक उचस्तरीय समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा निगोशिएशन उपरांत दिनांक 29 अगस्त 2016 को 2115 रुपए प्रति टन की स्वीकृति प्रदान की गई। शासन द्वारा स्वीकृत दर पर चयनित निविदाकार मेसर्स देल्ही एमएसडब्ल्यू सल्यूशन हैदराबाद से दिनांक 19 जनवरी 2017 को अनुबंध किया गया।

डोर टू डोर कलेक्शन ट्रांसर्पोटेशन का कार्य दिनांक 02 अप्रैल 2017 से प्रारंभ किया गया। इस योजना अंतर्गत चयनित निविदाकार को स्वयं की राशि से डोर टू डोर कलेक्शन ट्रांसपोर्टेंशन वाहन एवं योजना के लिए प्लांट निर्माण में कोई भी राशि व्यय नहीं की गई। पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा दिनांक 22 जुलाई 2017 को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई, पश्चात प्लांट निर्माण के लिए स्वीकृति 23 नवंबर 2017 को प्रदान की गई। 11 माह की समयावधि में प्लांट निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया एवं प्लांट प्रारंभ करने के लिए पर्यावरण विभाग से स्वीकृति हेतु दिनांक 24 अक्टूबर 2018 को विधिवत आवेदन प्रस्तुत् किया गया। इसके बाद पर्यावरण मंडल ने 6 मार्च को प्लांट से प्रोडक्शन शुरू करने अनुमति दी।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना हेतु मेसर्स देल्ही एमएसडब्ल्यू सल्यूशन हैदराबाद द्वारा 63 टाटा ए.सी.ई., 08 काम्पेक्टर, 02 हाईवा, 01 जे.सी.बी., 01 ट्रेक्टर लोडर एवं 01 पोकलेन का उपयोग किया जा रहा है, इस कार्य हेतु 282 कर्मचारी कार्यरत् हैं।
नगर निगम द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों द्वारा ही स्त्रोत पर गीले एवं सुखे कचरे का पृथ्कीकरण कर डोर टू डोर कलेक्शन मे संलग्न कर्मचारियों के माध्यम से वाहनों में दिया जाए।

प्लांट का संक्षिप्त विवरण :-

भूमि क्षेत्रफल – 25 एकड़
परियोजना लागत – 36.73 करोड़
निर्माण पूर्ण तिथि – 16/09/2018

प्लांट के घटक :-

कम्पोस्ट प्लांट – 10,450 वर्गमीटर (2.60 एकड़)
साईटिंफिक लैण्ड फिल – 38598 वर्ग मीटर (9.54 एकड़)
ग्रीन बेल्ट एवं वृक्षारोपण क्षेत्र – 36818 वर्ग मीटर (9.1 एकड़)
सोलर इवेपोरेशन पौंड – 2100 वर्ग मीटर (0.52 एकड़)
प्रशासनिक भवन, केंटीन, – 1800 वर्ग मीटर (0.45 एकड़)
रेस्ट रुम एवं वर्क शॉप
रोड एवं ड्रेन्स – 8300 वर्ग मीटर (2.05 एकड़)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *