एचआईवी मरीजों के साथ हो रहा भेदभाव “जन स्वास्थ्य अभियान” की क्षेत्रीय बैठक में सरकारी अस्पतालों की दयनीय हालत पर जताई गई चिंता

0 सरकारी डॉक्टर कर रहे निजी प्रेक्टिस

0 अस्पतालों को निजी हाथों में दे सकती है सरकार

बिलासपुर। जन स्वास्थ्य अभियान छत्तीसगढ़ की बिलासपुर क्षेत्र की बैठक 11 मार्च को जन स्वास्थ्य सहयोग, गनियारी के ऑफिस में रखी गई। जन स्वास्थ्य अभियान विभिन्न संगठनो, संस्थायों और व्यतियों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जिसकी विभिन्नं राष्ट्रीय और राज्य इकाइयां हैं। बैठक का उद्देश्य बिलासपुर क्षेत्र के स्वास्थ्य सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा एवं अभियान के रूप में स्वास्थ्य संगठनों की मांगों को आगे बढ़ाना था।

इसमें कवर्धा, मुंगेली और बिलासपुर जिले के विभिन्न ब्लाक से पीपल लिविंग विद एच.आयी.वी. /एड्स नेटवर्क, ट्रांसजेंडर नेटवर्क, स्वास्थ्य संस्थाएं, कानूनी संस्थाएं , दलित संगठन, बाल अधिकार संगठन , सूचना का अधिकार और वनाधिकार पर काम करने वाली संस्थाएं शामिल हुईं।
प्रतिभागियों ने चेताया कि कांग्रेस पार्टी ने घोषणा पत्र में सरकारी स्वास्थ्य सेवायों को मजबूत करने का वादा तो किया है, लेकिन समुदाय को इस पर निगरानी रखने की जरूरत है। प्रतिभागियों द्वारा बिलासपुर जिले में सरकारी अस्पताल की दयनीय स्थिति पर चर्चा की गई।

PLHIV नेटवर्क द्वारा बताया गया की कैसे HIV के मरीजों के साथ जांच या सेवाएं लेने में भेदभाव होता है| रिंकी जी द्वारा बताया गया कि ICTC सेंटर में दो सालों से काउन्सेल्लर की पोस्ट खाली है। एक प्रतिभागी ने चेताया कि सुपरस्पेशलिटी बनाने के नाम पर सरकार अस्पतालों को निजी हाथों में दे सकती है। एक प्रतिभागी ने बताया कि रायपुर शहर में ज्यादा फीस ली जा रही है। इलाज के लिए और रायपुर मेडिकल कॉलेज के कई डिपार्टमेंट जैसे न्यूरो /रेनल / नेफ्रो आदि को दाऊ कल्याण में शिफ्ट किया जा रहा, जहा गरीब आदमी इलाज नहीं करवा सकता।
बैगा नसबंदी में दिसंबर 2018 के छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आर्डर जिसमें बैगा समुदाय के नसबंदी पर बैन हटाया है, उसके क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को बिलासपुर हाई कोर्ट के मई 2018 के जजमेंट जिसमें सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रेक्टिस पर रोक लगी है, प्रतिभागियों द्वारा रायपुर के कई डॉक्टरों और कोटा, लोरमी ब्लाक और मुंगेली के कई सरकारी डॉक्टरों के नाम सुझाए गए जिनके द्वारा प्राइवेट प्रक्टिस की जा रही है।
सभी ने बिलासपुर शहर में खासकर के सिम्स और जिला अस्पताल में हो रहे स्वास्थ्य अधिकारों के हनन और दयनीय सेवायों के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग विरोध प्रदर्शन प्लान किया। उनके द्वारा जिलों में प्राइवेट प्रक्टिस कर रहे सरकारी डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की बात कही गई। दूसरी तरफ रायपुर में सरकारी अस्पतालों के विभाग को प्राइवेट में शिफ्ट करने के विरोध में एक्शन प्लान बनाया गया।

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