भोपाल लोकसभा से प्रज्ञा ठाकुर ने वापस लिया नामांकन, मुश्किल और बड़ी दिग्विजय सिंह की…

खबरची भोपाल। खबर सुन कर चौंक तो गए होंगे आप!…लेकिन विषय वह नहीं जो आपने सोच लिया ,विषय है हमनाम का,राजनीति में और चुनाव में हमनाम वॉले लोग काफी काम आते हैं विपक्ष का मतदान प्रभावित करने में।भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. इसी सीट पर उनकी हमनाम प्रज्ञा ठाकुर ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया था. एक ही नाम होने से बीजेपी को इस बात की आशंका थी कि मतदाता कहीं किसी गलतफहमी में आकर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की बजाय प्रज्ञा ठाकुर के नाम के आगे वाला बटन ना दबा दें.

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से प्रज्ञा ठाकुर ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, लेकिन ये बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर नहीं बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर हैं. प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया है.

दरअसल, भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. इसी सीट पर उनकी हमनाम प्रज्ञा ठाकुर ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया था. एक ही नाम होने से बीजेपी को इस बात की आशंका थी कि मतदाता कहीं किसी गलतफहमी में आकर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की बजाय प्रज्ञा ठाकुर के नाम के आगे वाला बटन ना दबा दें.

इसी आशंका को देखते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने खुद प्रज्ञा ठाकुर को मनाने के लिए अपने घर बुलाया. प्रज्ञा ठाकुर ने घर पहुंचकर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से बात की. इस दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उनसे चुनाव ना लड़ने की अपील की. जिसके बाद प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव ना लड़ने का फैसला किया. इसके बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने प्रज्ञा ठाकुर के घर पहुंचकर उन्हें भगवा शॉल भेंट करके उनका सम्मान भी किया. प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव ना लड़ने के ऐलान के बाद अब बीजेपी और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने राहत की सांस ली है.

हेमंत करकरे के जूनियर भी मैदान में

प्रज्ञा ठाकुर ने भले ही साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के सामने चुनाव ना लड़ने का ऐलान किया है, लेकिन शहीद हेमंत करकरे पर दिए बयान से नाराज़ उनके जूनियर रहे रियाजुद्दीन ने भी भोपाल से नामांकन भरा है. मूल रूप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले रियाजुद्दीन ने भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है. रियाजुद्दीन के मुताबिक वो हेमंत करकरे को अपना गुरू मानते हैं और अकोला में हेमंत करकरे के एसपी रहने के दौरान उनके तहत बतौर सब-इंस्पेक्टर काम कर चुके हैं. ऐसे में देखना होगा कि भोपाल की जनता किसे जिताने में कामयाब रहेगी.

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