असम: बाढ़ से 15 की मौत, 42 लाख से अधिक लोग प्रभावित, 11 वन्य प्राणियों की भी मौत, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पानी में डूबा

खबरची डेस्क। असम में बाढ़ से स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। इससे आम जनजीवन पर तो खासा असर पड़ा ही, साथ ही काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पानी में डूब गया है, जिसके कारण अब तक 11 वन्य प्राणियों की मौत हो चुकी है। पोबितोरा वन्य प्राणि उद्यान के कई रास्ते पानी में डूब गए हैं।

बाढ़ के पानी से यहां के वन्य प्राणियों की जिंदगी पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। जानवर जहां-तहां फंसे हुए हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क करीब एक हजार हाथियों और सैकड़ों हिरणों का घर है लेकिन इन दिनों काजीरंगा पार्क ब्रह्मपुत्र में आई बाढ़ की वजह से छोटे-छोटे द्वीप में तब्दील हो चुका है। बाढ़ में फंसे जानवरों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है। इस बीच सोनोवाल ने मोदी को राज्य में जारी बाढ़ की विनाशलीला से अवगत कराया।

राज्य में बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 15 हो गई है। बाढ़ के कारण 42 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से फोन पर बात की है और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

राज्य में बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या 29 से बढ़कर 30 हो गयी है। इसी तरह पीड़ितों की संख्या कल के 26 लाख से रातोंरात बढ़कर 42 लाख हो गयी। पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण चार लोगों की मौत की रिपोर्ट है जिसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। राज्य में 83 हजार से अधिक लोग विभिन्न राहत शिविरों में आश्रय लिये हुए हैं। विभिन्न हिस्सों में 311 अतिरिक्त राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और मुख्यमंत्री को राहत एवं बचाव तथा पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर कराने के निर्देश दिए।

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