शौख कब जुनून बना पता ही नही चला , वाइल्ड लाइफ की फोटोग्राफी से मिलता है सुकून – सत्यप्रकाश पाण्डेय 

बिलासपुर वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के अवसर पर शहर के जाने माने वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर सत्यप्रकाश पांडेय ने फोटो प्रदर्शनी रामा मैग्नेटो मॉल में लगाई है । सत्यप्रकाश इस वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफ प्रदर्शनी में खुद की ली तस्वीर को लगाकर लोगो को ये संदेश देना चाहते है कि यदि इंसान खूबसूरत दिखने के लिए तरह तरह से श्रृंगार करते है लेकिन जंगली जानवरों को प्रकृति सुंदर बनाती है ।

सत्यप्रकाश पाण्डेय वैसे शहर के लिए कोई नया नाम नही है । सत्यप्रकाश को सत्या के नाम से ज्यादा जाना जाता है । सत्या पत्रकारिता के क्षेत्र के जाने माने पत्रकार रहे है और अब एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बन चुके है । सत्या ने बातचीत के दौरान बताया कि चूंकि वो पत्रकार रहे है और इस नाते पत्रकारिता के लिए जंगल और कई अन्य जगह घूमते रहे हैं । उन्हें अपनी तस्वीर खिंचाने का काफी शौक रहा और मोबाइल से अपनी तस्वीर दुसरो से खींचवाते थे । लेकिन उन्हें मोबाईल की ली गई तस्वीर में कुछ कमी महसूस हुई और वे अपनी तस्वीर खींचने स्टील कैमरा भी खरीद लिए । कैमरा में अपनी तस्वीर खिंचवाते उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उनका शौक बदल गया , जहां वे तस्वीर खिंचवाने के शौकीन थे वे तस्वीर खींचने के शौकीन हो गए , और शौक ऐसा कि जुनून बन गया । यह जुनून शुरुआत में तो शहर में होते घटनाक्रम और कुछ ध्यान आकर्षित करने वाली तस्वीरें लेते रहे , फिर वे शहर से बाहर निकल जंगल की ओर रुख कर गए । यहां वाइल्डलाइफ को देख कर उनका शौक जुनून में बदल गया और जुनून ऐसा की बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया के जंगली जानवरों की तस्वीर लेते रहे । धीरे धीरे कर वे प्रदेश के अन्य जंगलों में जाकर जंगली जानवर , पक्षी को कैमरे में कैद करते रहे ।सत्या ने बताया कि वे देश के कई अलग-अलग प्रांतों में जाकर कुछ ऐसी तस्वीरें खींचने लगे जिसकी मांग मीडिया और अखबारों को भी होने लगी । सत्यप्रकाश पांडे कहते हैं कि भले ही वे शौक में तस्वीर खींचना शुरू किए थे बाद में वह जुनून बन गया लेकिन अब भी उन्हें ऐसा महसूस होता है कि वे अभी भी अपने काम और आगे लेजाना चाहते है । उनका कहना है कि कई और ऐसी मंजिलें हैं जो उन्हें अभी तय करनी है । सत्यप्रकाश पांडे ने बताया कि वे अभी किसी विषय को लेकर या किसी एक जंगली जानकर को लेकर कोई खास काम नही किये है । लेकिन उनका कहना है कि भविष्य में किसी एक सब्जेक्ट को चुनकर उस पर रिसर्च कर उसकी तस्वीर लेंगे साथ ही उस तस्वीर के पीछे की कहानी भी जानेंगे ऐसा माना जा सकता है कि आने वाले समय में सत्य प्रकाश पांडे की कुछ ऐसी तस्वीरें भी देखने को मिली जो लोगों को आकर्षित करती रहेंगी और अब तक वो नजारा तस्वीरों में कैद नही किया गया होगा ।
सत्या अब गंभीर दिखने लगा है काम पर – कमल दुबे
सत्या के सबसे पुराने दोस्त और पत्रकार कमल दुबे कहते है ,सत्या पहले भी काम करता था ,लेकिन काम को लेकर उसमे गंभीरता नही थी । लड़कपन सत्या में काफी रहा , लेकिन अब शौख कहे या जुनून पर काम को लेकर सत्या अब गंभीर हो गया है ।

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