आदिवासी युवको की मौत के मामले में अमित जोगी ने पूछे भूपेश सरकार से सवाल , क्या है वो सवाल ,पढ़े खबर

बिलासपुर 1 महीने में लगातार सरकार की हिरासत में कबीरधाम, अम्बिकापुर और गौरेला में 3-3 आदिवासी युवकों की मौत से भूपेश सरकार का लगातार आदिवासी-विरोधी चेहरा सामने आ रहा है: अमित जोगी । एक तरफ़ अंतराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री गेड़ी चढ़कर आदिवासियों के साथ नृत्य कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ उनकी सरकार आदिवासी युवकों के साथ मौत का तांडव । पेंड्रा रोड जेल में बंद स्वर्गीय श्री रघुनाथ गोंड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जेल दाखिले के 24 घंटे के अंदर हुई मौत, पुलिस पर परिजनों ने लगाए पिटाई के गम्भीर आरोप- इन सबकी न्यायिक जाँच होनी चाहिए और दोषियों पर सख़्त से सख़्त कार्यवाही । 30 साल के जवान आदिवासी युवक की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन? कौन करेगा उसके चार बच्चों और दो बूढ़े मां-बाप का भरण पोषण। जब आदिवासियों के साथ नृत्य करके फ़ोटो छपवाने में करोड़ों ख़र्च सकती है, तो सरकार तत्काल पीड़ित परिवार को ₹50 लाख मुआवजे के साथ उसके चार बच्चों के शिक्षा दीक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी लेने की घोषणा करे: अमित जोगी

पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने मरवाही क्षेत्र के निवासी श्री रघुनाथ गोंड़ की कल शाम सरकारी हिरासत में मौत के संदर्भ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) जाँच दल ने निम्नलिखित चौंकाने वाले ५ तथ्य उजागर करे हैं।

1. IPC की धारा 354 के तहत तथाकथित रूप से आरोपी श्री रघुनाथ गोंड़ के न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उनका न्यायालय द्वारा वारंट कटा था।

2. इसकी तामिली के दौरान पहुंचे मरवाही थाना के तीन सिपाहियों ने मोटे-डंडे से उसके पेट को चोटिल किया था।

3. पर डॉक्टर ने उसे फिट घोषित कर जेल दाखिल करा दिया था।

4. दूसरे दिन 20 अगस्त कि सुबह 11:00 बजे तबीयत बिगड़ने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला में मामूली उपचार देकर उसे वापस जेल दाखिल कर दिया गया था।

5. इसके बाद शाम 5:00 बजे फिर उसकी तबीयत खराब हुई और लगातार बिगड़ती हालत को देखकर जब उसे बिलासपुर रिफर किया गया, तब रतनपुर के पास एंबुलेंस में ही उसकी मौत हो गई।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने कहा कि 1 महीने में लगातार सरकार की हिरासत में कबीरधाम, अम्बिकापुर और गौरेला में 3-3 आदिवासी युवकों की मौत से भूपेश सरकार का लगातार आदिवासी विरोधी चेहरा सामने आ रहा है। एक तरफ़ अंतराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री गेड़ी चढ़कर आदिवासियों के साथ नृत्य कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ उनकी सरकार आदिवासी युवकों के साथ मौत का तांडव। पेंड्रा रोड जेल में बंद स्वर्गीय श्री रघुनाथ गोंड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जेल दाखिले के 24 घंटे के अंदर हुई मौत, पुलिस पर परिजनों ने लगाए भी पिटाई के गम्भीर आरोप लगाए हैं। अमित जोगी ने इन सबकी न्यायिक जाँच और दोषियों पर सख़्त से सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए।

अमित जोगी ने पूछा कि 30 साल के जवान आदिवासी युवक की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है? कौन करेगा उसके चार बच्चों और दो बूढ़े मां-बाप का भरण पोषण। जब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आदिवासियों के साथ नृत्य करके फ़ोटो छपवाने में करोड़ों ख़र्च सकती है, तो सरकार तत्काल पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजे के साथ उसके चार बच्चों के शिक्षा दीक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी लेने की घोषणा करने में क्या दिक्कत है?

अमित जोगी ने सरकार से माँग करी की

1. पूरे मामले की न्यायिक जाँच होनी चाहिए।
2. कम से कम 3 डॉक्टोंर के चिकित्सीय दल से श्री रघुनाथ का पुनः पोस्ट-मोर्टम कराना चाहिए।
3. दोषियों पर तत्काल सख़्त कार्यवाही और
4. परिजनों की परवरिश हेतु ₹50 लाख मुआवज़ा देना चाहिए।

अमित जोगी ने ये भी बताया कि जल्द ही इस सम्बंध में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का दल महामहिम राज्यपाल से मिलकर हस्तक्षेप करने की माँग करेगा।

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