गोंड़पारा में हुई निगम की करवाई विधि सम्मत नही , बेहतर व्यवस्था कर करनी थी करवाई , निगम ने किसी के ड्रीम प्रोजेक्ट हो पूरा करने सैकड़ो परिवार का तोड़ा आशियाना- पूर्व महापौर राय

बिलासपुर अरपा नदी के दोनों किनारे गोंड़पारा और सरकंडा की ओर 4 लेन और 6 लेन सड़क का निर्माण होना है । नगर निगम का अतिक्रमण दल गोडपारा की ओर बेजा कब्जा कर राह रहे अतिक्रमणकारियों को हटा रही है , इस माम्ललके में पूर्व महापौर किशोर राय ने निगम द्वारा की गई करवाई को विधि सम्मत करवाई नही करने की बात कही है । किशोर रे ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जिस तरह की करवाई की गई तो सही नही है । लोगो को जबरदस्ती उनके घरों से निकलकर  तोड़फोड़ की गई । 40-50 साल से रह रहे लोगो को  बेदखल किया गया । पूर्व महापौर ने कहा कि यदि करवाई करनी थी तो बेहतर व्यवस्था कर करवाई करनी चाहिए थी । इधर निगम अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर इस बार काफी तत्पर दिखाई दे रही है और यह ड्रीम प्रोजेक्ट प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी का है जिससे निगम भी प्रोजेक्ट को लेकर सख्त हो गई है और हो भी क्यो नही । सीएस भी इस प्रोजेक्ट के प्रोग्रेस को लेकर अधिकारियों से पूछताछ करते रहते हैं । इस प्रोजेक्ट की वजह से नदी किनारे रह रहे सैकड़ों परिवार एक तरह से बेघर हो गए हैं हालांकि नगर निगम ने उन्हें सरकारी आवास में जगह तो दी है लेकिन उन्हें जिस जगह  बसाया जा रहा है वहां की स्थिति काफी दयनीय है । इस मामले को लेकर पूर्व महापौर किशोर राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे विकास और योजना के खिलाफ नहीं है , लेकिन जिस तरह से नगर निगम ने जोर जबरदस्ती कर लोगों को घर से बेघर किया और उनके घरों में बुलडोजर चलाकर जो प्रताड़ना दी वो उसके खिलाफ है । उनका कहना है कि इस समय विश्व में कोरोना का संकट है और बारिश का सीजन चल रहा है जिसमें किसी को भी घर से बेघर नहीं किया जाता , लेकिन नगर निगम ने दोनों ही आपदाओं को ध्यान ना दे कर लोगों को घर से बेघर कर दिया । पूर्व महापौर श्री राय ने कहा कि इस योजना के तहत काम किया जा रहा है वह गलत नहीं है लेकिन जो जबरदस्ती कर लोगों को हटाना यह गलत है उनका कहना है कि नगर निगम को यदि लोगों को गोंडपारा के इलाके से हटाना था तो पहले उनके लिए बेहतर आवास की व्यवस्था करनी थी साथ ही वहां रहने वालों को मुआवजा भी दिया जाना था क्योंकि वहां रहने वाले लोग भले ही नगर निगम की जमीन में काबिज थे लेकिन बनाया हुआ आशियाना उनके अपने खून पसीने की कमाई का था और कुछ परिवार तो ऐसे भी थे जिनके पास पैसे नहीं होने की वजह से वे वहां झोपड़ा बनाकर रह रहे थे ऐसे लोगों का आशियाना छिनना गलत है । योजना के तहत बसाए लोगो को सरकारी आवास की मरम्मत करानी थी और बेहतर व्यवस्था करना था । नगर निगम तानाशाही रवैया अपनाते हुए जबरदस्ती लोगों को घसीट कर उनके घर से बाहर निकाला और उनके घरों को बुलडोजर से ढहा दिया । नगर निगम को अगर गोडपारा में सड़क बनानी थी तो उसकी रूपरेखा तैयार कर वहां रहने वालों को बेहतर व्यवस्था देनी थी जो नगर निगम ने नहीं दिया । किशोर राय ने कहा कि वे भले ही पूर्व महापौर हैं लेकिन बावजूद इसके वे वहां रहने वालों के लिए बेहतर आवास की व्यवस्था करने नगर निगम से आग्रह किया है लेकिन निगम की एक तरफ करवाई के पीछे क्या मंशा है ये उनके समझ से परे है । 

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