रविवार से चलाए जाने वाली बस सुविधा का का विरोध कर रहे चालक परिचालक संघ के सदस्य , कहा उनकी समस्या का समाधान नही हुआ तो एक भी कर्मचारी नही जाएंगे काम पर ,,,

बिलासपुर    कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार ने यात्री बस सुविधा पर रोक लगा दिया था और यात्रा बंद कर दी थी । सरकार के इस आदेश के बाद जिले से चलने वाली लगभग 1000 यात्री बसों में काम करने वाले 3000 से 3500 कंडक्टर ड्राइवर और हेल्पर बेरोजगार हो गए थे । लगभग 100 दिन से भी ज्यादा बसे बंद कर दी गई थी और इसकी वजह से बस में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई थी ।बस कर्मचारी एकजुट होकर लगातार शासन प्रशासन विधायक और सांसद तक आर्थिक मदद की गुहार लगाते रहे लेकिन उन्हें किसी भी तरफ से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई । आर्थिक संकट से जूझ रहे बस कर्मचारीयो के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई थी । संघ के लोग लगातार बात कहते रहे की उनकी आर्थिक मदद की जाए ।अब जबकि राज्य शासन ने रविवार से बस सेवा आरंभ करने की इजाजत दे दी है तो बस चालक परिचालक संघ ने इस आदेश का विरोध किया है । उन्होंने न्यू बस स्टैंड में मीटिंग कर ये निर्णय लिया कि पिछले 100 दिन में उनके सामने किस तरह की आर्थिक संकट उत्पन्न हुई थी इसका अंदाजा भी प्रशासन ने नहीं लगाया और उन्हें भूखों मरने छोड़ दिया था अब उन्होंने निर्णय लिया है कि 100 दिन का उन्हें आर्थिक पारिश्रमिक नहीं मिलेगा तो वह वापस काम पर नहीं लौटेंगे । कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से बस सेवा में बाधा होगी । अब देखना होगा कि संघ के आह्वान पर जिला और राज्य में बस सुविधा का लाभ लेने वाले यात्रियों को कितना परेशान होना पड़ेगा और राज्य सरकार इनकी मकनगो को पूरा करेगी या फिर इनकी आवाज सुनकर भी अनसुना कर देगी ।

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