एनटीपीसी के गैर जिम्मेदाराना रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश , रलिया के राखड़ डेम के रिसाव से गांव के घरों और खेतों को हो रहा नुकसान ,,,

बिलासपुर – सीपत एनटीपीसी, सीपत के राखड़ बांध से रिसाव ने ग्राम रलिया के लोगों की समस्या बढ़ा दी है। बारिश के साथ रिसाव इतना बढ़ गया कि राखड़युक्त गंदा पानी बस्ती में जा घुसा और इसकी चपेट में आकर दो दर्जन कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए है । 2980 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी, सीपत का राखड़ बांध ग्राम रलिया के समीप स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि बांध से रिसाव बना रहता है। बारिश के दिनों में यह रिसाव बढ़ जाता है। बांध के आसपास खेत भी स्थित हैं। रिसाव के कारण खेतों की स्थिति दलदल की तरह हो गई है। रलिया के ग्रामीणों में एनटीपीसी प्रबंधन को लेकर आक्रोश है। प्रबंधन से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजा की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बांध का रखरखाव सही तरीके से नहीं करने के कारण इस तरह की स्थिति निर्मित होती है। इसके अलावा फसलो की बात करे तो पिछले कई सालों से साल दर साल खेतो में फसलो को नुकसान होता आ रहा है । पैदावार भी धीरे धीरे कम होने लगी है । एनटीपीसी की चिमनी से निकलने वाले राखड़ से खेतों को नुकसान तो होता ही है साथ ही आसपास रहने वाले ग्रामीणों को चिमनी के राखड़ से सांस में तकलीफ हो रही है । ग्रामीणों में सांस की बीमारी के अलावा कई तरह की शारीरिक परेशानिया हो रही है । इस मामले में कई बार शासन प्रशासन को जानकारी दी गई है लेकिन कोई करवाई नही होने से एनटीपीसी प्रबंधन भी ग्रामीणों को हो नुकसान की भरपाई भी नही करता । धीरे धीरे एनटीपीसी के गांवों में एनटीपीसी प्रबंधन को लेकर आक्रोश बढ़ते जा रहा है और किसी भी दिन ग्रामीणों का गुस्सा फूट सकता है और यह एक बड़ा आंदोलन का रूप भी ले सकता है ।

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