सायबर धोखाधड़ी से बचना हो तो इन बातों पर ध्यान दे , किस तरह हो रही धोखाधड़ी ,,,

बिलासपुर ओएलएक्स में सामान बेचने का विज्ञापन देकर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई मामले में ठग ने खुद को फौजी बताकर पीड़ित को विश्वास में लिया। इसके बाद हजारों रुपयों की ठगी कर ली। ठगी के बाद कथित फौजी फोन बंद कर गायब हो जाते हैं। जिले में सायबर ठगी के मामलों में सेना के नाम पर ठगी की जा रही है।

जिले में सायबर ठगी के मामलों में सेना के नाम पर ठगी की जा रही है। सैनिक का नाम आते ही लोग आसानी से ठग के झांसे में आ रहे हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को सेना के नाम पर धमकाने की बात भी सामने आई है। कई मामलों में रकम कम होने पर पीड़ित शिकायत भी नहीं कर रहे हैं। शहर में बीते दो दिनों में एक ही तरह के दो मामले सामने आए। वहीं, छह महीने पहले रतनपुर निवासी ट्रांसपोर्टर से डेढ़ लाख से अधिक की ठगी का मामला भी सामने आया था। इन मामलों में सायबर सेल को सफलता नहीं मिल सकी है।

देशभर में मामले आ रहे सामने

संभाग के सभी जिलों में इस तरह के मामले सामने आए हैं जिसमें ठगों ने खुद को सेना का जवान और अधिकारी बताकर झांसे में लिया है। इस तरह के मामले जांजगीर, मुंगेली, कोरबा समेत सभी जिलों में सामने आए हैं। इसमें ठग ने बैंक खातों के साथ ही गोपनीय जानकारी हासिल की। वहीं, झांसे में लेकर सामान भेजने की बात कहते हुए ऑनलाइन रुपये लिए हैं। इस तरह के मामले देशभर के बड़े शहरों में भी हो रहे हैं।

केस 1

रतनपुर भेड़ीमुड़ा निवासी रविशंकर सिंह राजपूत ने अपना पुराना ट्रैक्टर और जेसीबी बेचने ओएलएक्स पर फरवरी 2020 में विज्ञापन दिया था। इसके बाद उनके मोबाइल पर ट्रैक्टर और जेसीबी को खरीदने नौ फरवरी को फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सेना का जवान बताकर सौदा तय किया। इसके बाद रकम भेजने के लिए रविशंकर से बैंक खाते की जानकारी मांगी। रवि ने सेना के जवान होने पर भरोसा करते हुए बैंक खाते की जानकारी दे दी। साथ ही बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी भी कथित जवान को बता दिया। इसके बाद रविशंकर के खाते से एक लाख 88 हजार रुपये पार हो गए। पीड़ित ने इसकी शिकायत रतनपुर थाने में दर्ज कराई थी।

केस 2

शांतिनगर तिफरा निवासी कोमल गुप्ता ने सात अगस्त को ओएलएक्स पर एक्टिवा बेचने का विज्ञापन देखा। वाहन पसंद आने पर कोमल ने बताए नंबर पर कॉल किया। कॉल उठाने वाले ने खुद को सेना का अधिकारी बताकर वाहन खरीदने के लिए खाते में रकम जमा करने कहा। कोमल ने बताए खाते पर अलग-अलग कर 72 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद कोमल की इंटरनेट बैंकिंग बंद हो गई। इसके बाद फोन करने वाले ने खुद को सेना का अधिकारी बताकर कोमल को धमकी देने लगा। फोन करने वाले ने कोमल को धमकी देने के साथ ही बार-बार फोन कर रुपये की मांग करता रहा। ठगी का अहसास होने पर कोमल ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

केस 3

अधिवक्ता काशीनाथ नंदे ने ओएलएक्स में विज्ञापन देखकर कार खरीदने का सौदा किया था। इसमें ठग ने खुद को सीआइएसएफ का जवान बताकर कार नागपुर में होने की बात कही। कार को कंटेनर के माध्यम से भेजने के लिए सात हजार रुपये ऑनलाइन ले लिए। इसके बाद वाहन सिमगा पहुंचने की बात कहते हुए 26 हजार की मांग की गई। वाहन सिमगा पहुंचने की बात पर भरोसा करते हुए अधिवक्ता ने रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बाद में वाहन चालक ने 30 हजार और मांगे तब अधिवक्ता को ठगी की जानकारी हुई। उन्होंने रकम देने से मना किया तो कार वापस नागपुर ले जाने की बात कहते हुए फोन बंद कर दिया गया। अधिवक्ता ने इसकी शिकायत सिरगिट्टी थाने में दर्ज कराई है।

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