गोरे अंग्रेज लगान लगाकर किसानों को ठगा करते थे, आज के भाजपाई काले अंग्रेज टैक्स जीएसटी लगाकर ठग रहे-सुरजेवाला

0 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भाजपा सरकारों पर साधा निशाना

0 कहा, मोदी व रमन सिंह मिलकर किसान, खेत, मजदूर मुक्त भारत का निर्माण करने में लगे हैं

बिलासपुर। केंद्र की मोदी, प्रांत की रमन सिंह सरकार और पड़ोस में झारखंड सरकार नक्सल समस्या पर लगाम लगाने में विफल रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे मोदी व रमन सिंह जी मिलकर इस देश में किसान, खेत और मजदूर मुक्त भारत का निर्माण करने में लगे हैं। किसानों के साथ छल किया गया। किसान आत्महत्या की ड्योरी पर खड़े हैं। बड़े-बड़े वादों की झड़ी लगाकर पिछले 15 सालों में किसानों को सर्वाधिक ठगा गया। आज कि भाजपा सरकारों की तुलना काले अंग्रेजों से की जा सकती है। गोरे अंग्रेज लगान लगाकर किसानों को ठगा करते थे, लेकिन आज भाजपाई काले अंग्रेज टैक्स व जीएसटी, लगाकर किसानों को ठग रहे। ये बातें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। वे बुधवार को दोपहर 3 बजे अग्रसेन चौक स्थित होटल ईस्ट पार्क में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा, लाचार, बेबस और परेशान किसान धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में आज आत्महत्या के कगार पर खड़ा है। आज के भाजपा सरकारों की तुलना काले अंग्रेजों से की जा सकती है है गोरे अंग्रेज लगा लगा कर किसान और मजदूरों को ठगा करते थे आज के काले भाजपाई अंग्रेज जो मन वचन और से काले हैं वह आवरण ओढ़ कर कभी टैक्स लगाकर, कभी जीएसटी लगाकर तो कभी फसल की कीमत ना देकर आज भी किसान और गरीब मजदूर जिनका मन साफ है, उन्हें लूट रहे हैं। भारत में धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार ने किसानों की पूरी पीढ़ी को बेकार बना दिया और अगली पीढ़ी को तबाह कर रहे। किसानों को ना धान का समर्थन मूल्य मिला, ना बोनस। उत्पादन गिर गया।

इसे कहते हैं अंधेर नगरी और चौपट राजा:-

भारतीय जनता पार्टी ने 2013 में चुनाव का घोषणा पत्र जारी किया। उसमें दो बातें सबसे ऊपर लिखी धान की कीमत 2100 रुपए और ₹300 बोनस लेकिन आज साढ़े 15 सौ रुपए में धान खरीद रहे। हार के कगार पर खड़े मोदी और रमन सरकारों ने राजनीतिक लाली पाप की तरह 1 जुलाई 2018 को ₹200 बोनस देने की घोषणा की लेकिन आज भी किसानों के धान की कीमत 1500, साढ़े 1500 सौ से ज्यादा नहीं दी जा रही। वादा किया था कि किसानों के धान का एक-एक दाना खरीदेंगे पर 2014 में इसे 15 जून तक प्रति एकड़ की सीमा में निर्धारित कर दिया, ऐसा क्यों। इसे कहते हैं देर नगरी चौपट राजा।

बिचौलियों की सरकार:-

सरकार के आंकड़े देखें तो यहां 37 लाख किसान हैं, पर धान खरीदी होती है 14 लाख से। यानी बाकी धान बिचोलियों को चली जाती है। इसलिए कहते हैं कि रमन सिंह की सरकार बिचौलियों की सरकार है। दूसरी तरफ ग्रीष्मकालीन धान खरीदने की व्यवस्था ही नहीं है।

केंद्र में भाजपा की सरकार, किसानों के लिए क्यों नहीं ला सके मदद:-

सूखा राहत रमन सिंह का बहुत बड़ा जुमला है। छत्तीसगढ़ में पिछले 1 साल में 27 में से 21 जिले सूखे की चपेट में आए। केंद्र में भी उनकी सरकार और प्रदेश में भी। पहले तो कहते थे मनमोहन सिंह जी मदद नहीं करते, लेकिन अब क्या हुआ। अब केंद्र से पैकेज लाने और किसान की मदद करने में फेल क्यों साबित हुए।

फसल बीमा से निजी कंपनियों को भारी मुनाफा:-

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आंकड़ा तो बहुत चौंकाने वाला है । खरीफ़ 2016 व रबी 2016-17 में छत्तीसगढ़ के किसानों की निजी बीमा कंपनियों में जो बीमा योजना की राशि जमा हुई वह 648 करोड़ 39 लाख रुपए थी। जबकि किसानों को जो मुआवजा मिला वह 290 करोड़ था, ये सरकार का आंकड़ा है। यानी, निजी बीमा कंपनियों को मुनाफा हुआ 351 करोड़, यानी 55 फीसदी। इतिहास में ऐसा धोखा शायद कभी किसानों से हुआ हो।

हर दिन 3 किसान आत्महत्या कर रहे, मुख्यमंत्री को नींद कैसे आती होगी:-

छत्तीसगढ़ में हर 8 घंटे में एक किसान या मजदूर आत्महत्या को मजबूर है। यह भारत सरकार के कृषि राज्य मंत्री ने संसद में जवाब में कहा, छत्तीसगढ़ में 2391 किसानों ने आत्महत्या की। यानी हर दिन लगभग 3 किसान खेत मजदूर आत्महत्या कर रहे। 2015 से 30 अक्टूबर 2017 तक यानी 18 महीने में 1344 किसानों ने आत्महत्या की। जिस प्रदेश में हर 8 घंटे में एक किसान आत्महत्या करता हो उस प्रदेश के मुख्यमंत्री को रात में नींद कैसे आती होगी।

किसानों के हक़ का पानी दे दिया उद्योगपतियों को:-

रमन सरकार ने किसानों का हक का पानी उद्योगपतियों के हिस्से में दे दिया। द्वारा लाई गई और बनाई गई सिंचाई बांध नहर योजनाओं का पानी प्राइवेट उद्योगपतियों को बेच डाला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *