” कांग्रेस में सिर्फ शैलेष पांडेय ही नहीं, मैं भी हूं शिक्षाविद ; वो पैराशूट वाले नेता टिकट मिलते ही उनके तो तेवर बदल गए…”

बिलासपुर। सीवीआरयू और शिक्षा का क्षेत्र छोड़कर राजनीति में कूदे शैलेश पांडेय मंत्री अमर अग्रवाल व भाजपा से कैसे पार पाएंगे ये तो अलग बात है। लेकिन अभी इससे ज्यादा मुश्किल ये कि उन्हें अपनी ही पार्टी के लोगों से निपटना पड़ रहा। दरअसल वो पैराशूट वाले नेता (जैसा कि राहुल गांधी ने कहा था) माने जा रहे हैं। यानी बिना मेहनत सिर्फ ऊपरी सेटिंग और तामझाम के चलते सब पर भारी। यही वजह है कि कांग्रेसी उन्हें पचा नहीं पा रहे।

लंबे समय से संघर्ष कर रहे, सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन और पुलिस की लाठियां खाकर अपने हाथ-पैर तुड़वा चुके कांग्रेसी इसलिए भी खफ़ा दिख रहे कि शैलेष ने तो बिलासपुर विधानसभा से टिकट मांगने के लिए पार्टी में आवेदन ही नहीं किया था। उनके केवल शिक्षाविद होने की पात्रता को भी कांग्रेसी पर्याप्त नहीं मानते। इसे लेकर कांग्रेस नेता तरू तिवारी ने सोशल मीडिया में तल्ख़ टिप्पणी की है। तरू तिवारी ने फेसबुक पर पोस्ट किया है, कि शैलेष कांग्रेस में एकमात्र शिक्षाविद नहीं , मैं उनसे ज्यादा वरिष्ठ और सही मायने वास्तविक शिक्षाविद हूँ।

जानिए तरू ने और क्या कहा-

0 केवल विज्ञापनबाजी से कोई नेता नहीं होता: तरू तिवारी ने कहा कि शैलेष ने तो बिलासपुर से आवेदन ही नहीं किया था । 49 आवेदन में किसी को भी टिकट नहीं दी गई। शैलेश से 10 गुना ज्यादा हम सब ने मेहनत की थी । केवल विज्ञापनबाजी से कोई नेता नहीं होता । रोज मुझको सप्ताह के हर दिन के हिसाब से उनका व्हाट्सएप पर संदेश आता था । टिकट मिली नहीं कि उनके तेवर ही बदल गए।

0 अभी ये तेवर तो आगे क्या होगा:

तरू तिवारी ने कहा कि एक बार फोन करना भी उन्होंने उचित नहीं समझा। कैसे वे सब को साथ लेकर चलेंगे । उनको सभी वरिष्ठों से मिलना चाहिए, सम्मान देना चाहिए। पर वे दूसरों से फोन लगवाकर बात कर रहे हैं कि अमुक जगह आना है , जो मुझे भी अच्छा नहीं लगा। अभी ये तेवर हैं तो विधायक बनने पर क्या स्थिति रहेगी ।

0 49 में प्रतिस्पर्धा थी, वो पैराशूट से उतर गए:

हम 49 में प्रतिस्पर्धा थी। लेकिन टिकट पाया कोई और। पैराशूट नेता , जिसको बिलासपुर के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं । केवल फोटो और विज्ञापन छपवा कर अपना नाम फैला लिया।

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