हरेली तिहार के बाद गांव की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाती है – सांसद अरुण साव,,,

बिलासा कला मंच ने छत्तीसगढ़ के पहिली तिहार हरेली को धूमधाम से मनाया।
बिलासपुर :- बिलासा कला मंच अपने गौरवशाली इतिहास और परंपरा के लिये पूरे प्रदेश में लोकप्रिय है। राज्य के प्रथम त्योहार हरेली तिहार को अपने अनूठे अंदाज में प्रस्तुत कर मंच ने छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद अरुण साव ने आयोजन की शुरुआत करते हुए कहा कि हरेली तिहार के बाद गांव में कई प्रकार के बंधन शुरू हो जाता है।चरवाहा लाठी पकड़ लेता है जिससे फसल को जानवर से बचाया जा सके, वहीं गांव की व्यवस्था सुदृ़ढ़ हो जाती है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनय पाठक ने कहा कि पूरे भारत में हरेली त्यौहार अलग अलग नामों से मनाया जाता है।छत्तीसगढ़ में यह हलेरी जो कि हल से संबंधित है कि वर्तमान नाम हरेली के रूप में खेती किसानी और हरियाली के रूप में मनाया जाता है।गेड़ी हमारी छत्तीसगढ़ की संस्कृति है।यह त्यौहार हमारी सांस्कृतिक चेतना जगाने का काम करती है। विशिष्ठ अतिथि चंद्रप्रकाश देवरस ने कहा कि हमारे किसान भाई बहिनी अपने कॄषि औजारों को साफ करके उसकी पूजा करते हैं। उदबोधन के क्रम में मंच के संरक्षक अजय शर्मा ने हरेली तिहार के धार्मिक, सामाजिक,सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को बताया।आयोजन के बारे में विस्तार से बताते हुए मंच के संस्थापक डॉ सोमनाथ यादव ने कहा कि बिलासा कला मंच छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति, साहित्य,कला और संगीत को समर्पित मंच है।मंच के सभी सदस्यों के सहयोग से यह मंच पूरे वर्ष भर अलग अलग आयोजनों को करते रही है।विगत 30 वर्षों से मंच ने लोक कला संरक्षण के साथ ही सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई है। कार्यक्रम के आरंभ में पूजा अर्चना पश्चात मंच के कलाकार सतीश ठाकुर,उमेद यादव,प्रदीप कोशले, थानुराम लसहे,मनोहरदास मानिकपुरी,बेना गढ़ेवाल, ओम शंकर लिबर्टी ने छत्तीसगढ़ी गीत संगीत की प्रस्तुति दी। सनत तिवारी, डॉ सुधाकर बिबे,रश्मि गुप्ता ने पर्यावरण और हरियाली तथा खेती किसानी से संबंधित कविता पाठ की। समारोह का संचालन अध्यक्ष महेश श्रीवास और आभार प्रदर्शन डॉ अजय पाठक ने किया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आनंदप्रकाश गुप्त,नरेन्द्र कौशिक, रामेश्वर गुप्ता, देवानंद दुबे,अश्विनी पांडे,विश्वनाथ राव,ओमशंकर लिबर्टी, नीरज यादव,नितेश पाटकर, संजय डहरिया,उमेद यादव ,सुनील यादव,अनूप श्रीवास,महेंद्र ध्रुव,जाविद अली, श्यामकार्तिक,सुधीर दत्ता, शिव यादव,शंकर यादव,कमल पटेल,अनिल यादव, दिनेश गुप्ता,सुधीर दत्ता, आदि सदस्यगण उपस्थित थे।

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